बड़ी अजीब मुलाक़ातें होती थी हमारी;
वो मतलब से मिलते थे, और हूमें मिलने से मतलब था!




कभी हों मुखातिब तो कहूँ क्या दर्द है मेरा;
अब तुम डोर से पूचोगे तो ख़ैरियत ही कहेंगे!





हाथ की लकीरें भी कितनी अजीब हैं,
कम्बख़्त मुट्ठी में हैं पर काबू में नही!






तेरी साँस के साथ चलती है मेरी हर धड़कन;
और तुम पूछते हो, मुझे याद किया या नही!





यहाँ है कौन मेरा जो मुझे समझेगा 'फ़राज़',
मैं कोशिश कर के अब खुद ही संवार जौन तो बेहतर है!





ज़िंदगी की काश-म-काश में तोड़ा उलझ गये हैं दोस्तों,
वरना हम तो उन में से हैं जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नही होने देते!






बंद कर दिए हैं हुँने दरवाज़े इश्क़ के,
पर तेरी याद है की दरारों से भी आ जाती हैं!





ज़ुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आज़मायें गये,
ज़ुल्म भी सहा हुँने और ज़ालिम भी कहलाए गये!


top 10 romantic shayari in hindi/top 10 love shayari /hindi amazing shayari/top 10 hindi dil ko chu jane wali shayari/sabse behtareen shayari/sad shayari in hindi latest/latest roamntic shayari 2016/latest love shayari/latest love wallpapers/latest attitude status/latest top 10 shayri in hindi

0 comments :

Post a Comment

 
How to Lose Weight at Home Top